मैकलेक टेक्निकल प्रोजेक्ट लैबोरेटरी नाम के भारतीय स्टार्टअप ने एक ऐसी डिवाइस बनाई है, जो ना सिर्फ हवा को साफ करेगी, बल्कि इससे बिजली भी बनेगी। मैकलेक वायु-1 नाम की इस डिवाइस को मैट की तरह सड़क पर बिछाया जाता है। उस पर गाड़ियां गुजरने से जो दबाव बनता है, उसी से हवा साफ होती है और बिजली बनती है। चार साल पुरानी मैकलेक के संस्थापक भाइयों नारायण और बलराम भारद्वाज ने बताया कि 3.75 मीटर चौड़ी सिंगल लेन वाली एक किलोमीटर सड़क पर इस डिवाइस को लगाया जाए, तो बहुत कम ट्रैफिक होने पर भी रोजाना 20,000 यूनिट बिजली बन सकती है। यह 156 करोड़ लीटर हवा को भी साफ करेगी।
अगले साल जून में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
एक घंटे में पैदा होगी जरूरत से 4 गुना ज्यादा बिजली
यह टेक्नोलॉजी एयर मैनेजमेंट कैटेगरी में स्वच्छ भारत ग्रैंड प्रोग्राम की विनर हो चुकी और अभी परीक्षण से गुजर रही है।
इस तकनीक को दिल्ली की पूरी सड़कों पर लगाने पर केवल एक घंटे में यह दिल्ली वासियों के एक दिन में इस्तेमाल होने वाली बिजली से 4 गुना ज्यादा इलेक्ट्रिसिटी पैदा कर सकती है।
नारायण ने बताया कि अगले साल जून में दिल्ली की एक किलोमीटर सड़क पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे शुरू किया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट में आईआईटी रुड़की भी मैकलेक के साथ है। कंपनी ने पिछले साल इस तकनीक का पेटेंट करवाया है।
सड़क के ऊपर बिछाने के कारण 10 साल तक सड़क के मेंटिनेंस की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
3 साल में निकल आएगी लागत
डिवाइस को मैट की तरह सड़क पर बिछाया जाएगा। यह 150 टन तक लोड सह सकती है।
3.75 मीटर चौड़ा, एक किलोमीटर तक मैट बिछाने पर 3 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।
एक किमी मैट पर रोजाना 50,000 वाहन गुजरने से 20 हजार यूनिट बिजली पैदा होगी।
एक दिन में 156 करोड़ लीटर हवा साफ हो सकती है। हवा 98% तक शुद्ध होगी।
डिवाइस 10-15 साल तक चलेगी। इससे बनने वाली बिजली से 3 साल में खर्च निकल आएगा।
इसे बनाने में घरेलू टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ है। इसे रिसाइकिल भी किया जा सकेगा।
प्रदूषण फैलाने वाले पीएम 2.5 को भी साफ करेगी
इस डिवाइस में पहले हवा को कंप्रेस किया जाता है, फिर उसे 6 फिल्टर से गुजारा जाता है। इसके बाद डिवाइस साफ हवा वातावरण में छोड़ देती है। यह प्रदूषण फैलाने वाले पीएम 2.5 को भी सोख लेती है। हालांकि, फिल्टर की नियमित सफाई भी करनी पड़ेगी। इस तरह हर एक किमी के इंस्टालेशन पर 12 लोगों को प्रत्यक्ष और 20 लोगों को परोक्ष रूप से रोजगार भी मिलेगा।
सड़क से बिजली बनाने पर कई देशों में हो रहा काम
सड़क पर चलने वाले वाहनों से बिजली बनाने के प्रोजेक्ट पर दुनिया में कई जगह काम हो रहा है। अमेरिका और इंग्लैंड में भी इसे लेकर परीक्षण किए जा रहे हैं। कैलिफोर्निया एनर्जी कमीशन ने दो साल पहले इसका अध्ययन शुरू किया था। हालांकि अभी तक दुनिया में कहीं भी इस तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल शुरू नहीं हो सका है।
Tuesday, November 27, 2018
Monday, November 26, 2018
इंसाफ के नाम पर भीड़ की बेरहमी, ऑटो ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या
दिल्ली में बेकाबू भीड़ का गुस्सा इतना उन्मादी हो गया कि बिना तस्दीक किए चोरी के आरोप में एक युवक की पीट पीटकर हत्या कर दी. दिल्ली के द्वारका जिले के उत्तम नगर इलाके में बैटरी चोरी के शक में बेकाबू भीड़ ने 3 लोगों को जमकर पीटा. जिसमें एक शख्स की मौत हो गई जबकि 2 लोग अस्पताल में जिंदगी के लिए जंग लड़ रहे हैं.
पेशे से ऑटो ड्राइवर अविनाश कुमार शनिवार रात उत्तम नगर के खड़ा था. तभी 2 लोग आए और मोहन गार्डन की तरफ ऑटो बुक करके ले गए. मोहन गार्डन के पास ऑटो रुकवाकर किसी सामान को लाने की बात कहकर ऑटो वाले को इंतज़ार करने के लिए कहकर गए. इतनी देर में ऑटो ड्राइवर टॉयलेट करने चला गया और जब वो वापस लौटा तो देखा कि भीड़ उन दोनों की पिटाई कर रही थी. दोनों आरोपियों ने भीड़ को बताया कि ऑटो चालक अविनाश उनका सरगना है.
मौके पर मौजूद भीड़ ने अपना गुस्सा ऑटो ड्राइवर पर उतार दिया और उसकी जमकर पिटाई की. भीड़ ने अविनाश को इतना पीटा कि अस्पताल में उसकी मौत हो गई. दरअसल, ऑटो मे बैठने वाले दोनों आरोपी चोर थे और बैटरी चुराकर उसे अविनाश के ऑटो में रख दिया था.
फिलहाल दोनों आरोपी अस्पताल में घायल हालत में भर्ती हैं. बताया जा रहा है कि मृतक शाहजहांपुर का रहने वाला है और दिल्ली के विकासनगर में रहकर ऑटो चलाता था. पुलिस ने इस मामले में धारा 304 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. वहीं मारपीट करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है, जिससे पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है.
फिलहाल उत्तम नगर थाना पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है. आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन ये वारदात एक बार फिर भीड़ के जानलेवा गुस्से को साबित करने के साथ ही इंसानियत को भी शर्मसार करती है.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज राजस्थान के दौरे पर हैं. राहुल गांधी ने अपने दौरे की शुरुआत अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज़ के दर पर माथा टेक कर की. इसके बाद राहुल गांधी पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर गए. राहुल गांधी ने ब्रह्मा मंदिर में विधिवत पूजा भी की.
खास बात ये रही कि इस पूजा के दौरान राहुल गांधी ने अपने गोत्र का नाम भी उजागर किया. पुष्कर में राहुल गांधी ने कौल ब्राह्मण और दत्तात्रेय गोत्र के नाम से पूजा की.
आपको बता दें कि राहुल गांधी के गोत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी कई बार उन्हें निशाने पर ले चुकी है. बीजेपी नेता संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर उनका गोत्र ना बताने का आरोप लगाया था.
पेशे से ऑटो ड्राइवर अविनाश कुमार शनिवार रात उत्तम नगर के खड़ा था. तभी 2 लोग आए और मोहन गार्डन की तरफ ऑटो बुक करके ले गए. मोहन गार्डन के पास ऑटो रुकवाकर किसी सामान को लाने की बात कहकर ऑटो वाले को इंतज़ार करने के लिए कहकर गए. इतनी देर में ऑटो ड्राइवर टॉयलेट करने चला गया और जब वो वापस लौटा तो देखा कि भीड़ उन दोनों की पिटाई कर रही थी. दोनों आरोपियों ने भीड़ को बताया कि ऑटो चालक अविनाश उनका सरगना है.
मौके पर मौजूद भीड़ ने अपना गुस्सा ऑटो ड्राइवर पर उतार दिया और उसकी जमकर पिटाई की. भीड़ ने अविनाश को इतना पीटा कि अस्पताल में उसकी मौत हो गई. दरअसल, ऑटो मे बैठने वाले दोनों आरोपी चोर थे और बैटरी चुराकर उसे अविनाश के ऑटो में रख दिया था.
फिलहाल दोनों आरोपी अस्पताल में घायल हालत में भर्ती हैं. बताया जा रहा है कि मृतक शाहजहांपुर का रहने वाला है और दिल्ली के विकासनगर में रहकर ऑटो चलाता था. पुलिस ने इस मामले में धारा 304 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. वहीं मारपीट करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है, जिससे पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है.
फिलहाल उत्तम नगर थाना पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है. आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन ये वारदात एक बार फिर भीड़ के जानलेवा गुस्से को साबित करने के साथ ही इंसानियत को भी शर्मसार करती है.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज राजस्थान के दौरे पर हैं. राहुल गांधी ने अपने दौरे की शुरुआत अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज़ के दर पर माथा टेक कर की. इसके बाद राहुल गांधी पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर गए. राहुल गांधी ने ब्रह्मा मंदिर में विधिवत पूजा भी की.
खास बात ये रही कि इस पूजा के दौरान राहुल गांधी ने अपने गोत्र का नाम भी उजागर किया. पुष्कर में राहुल गांधी ने कौल ब्राह्मण और दत्तात्रेय गोत्र के नाम से पूजा की.
आपको बता दें कि राहुल गांधी के गोत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी कई बार उन्हें निशाने पर ले चुकी है. बीजेपी नेता संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर उनका गोत्र ना बताने का आरोप लगाया था.
Monday, November 12, 2018
2019 के आम चुनाव को क्यों चुनौती मान रहे हैं फ़ेसबुक
फ़ेक न्यूज़ के मुद्दे पर दिल्ली में बीबीसी के कार्यक्रम में फ़ेसबुक, गूगल और ट्विटर के प्रतिनिधियों ने स्वीकार किया कि फ़ेक न्यूज़ भारत में एक गंभीर समस्या है और उनकी कंपनियां इससे निपटने का प्रयास कर रही हैं.
आईआईटी दिल्ली में हुए इस कार्यक्रम में फ़ेसबुक की ओर से मनीष खंडूरी, गूगल की ओर से ईरीन जे ल्यू और ट्विटर की ओर से विजया गाड्डे ने हिस्सा लिया और तकनीकी कंपनियों के सामने फ़ेक न्यूज़ को रोकने की चुनौतियों पर चर्चा की.
फ़ेक न्यूज़ की समस्या पर फ़ेसबुक से जुड़े मनीष खंडूरी ने कहा, "ये हमारे प्लेटफार्म के अस्तित्व के लिए ही एक ख़तरा है और हम इसे बहुत गंभीरता से ले रहे हैं. एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म के तौर पर हम संवाद की गुणवत्ता पर केंद्रित हैं और ग़लत जानकारियां इसे प्रभावित करती हैं. हम एक सोशल मीडिया प्लेटफ़ार्म हैं और समाज में सार्थक दख़ल देना चाहते हैं. ग़लत जानकारियां इसके ठीक उलट हैं."
गूगल की दक्षिण एशिया में न्यूज़लैब प्रमुख इरीन जे ल्यू ने कहा, "गूगल इसे एक बड़ी समस्या के तौर पर स्वीकार करती है और इसका समाधान खोजने में अपनी ज़िम्मेदारी को समझती है. जब लोग गूगल पर आते हैं तो वो जवाबों की उम्मीद करते हैं. हम अपनी तकनीक की मदद से और पत्रकारों और अन्य के साथ साझेदारियां करके उच्च गुणवत्ता वाला कंटेंट उपलब्ध करवा सकते हैं."
ट्विटर की ट्रस्ट और सेफ़्टी (विश्वास और सुरक्षा) की ग्लोबल हेड विजया गाड्डे ने कहा, "ट्विटर का उद्देश्य जन संवाद को बढ़ाना है. जब लोग ट्विटर पर आते हैं तो वो जानना चाहते हैं कि क्या चल रहा है और वो इस बारे में दुनिया को भी बताना चाहते हैं. अगर हम उन्हें उच्च गुणवत्ता का कंटेंट मुहैया नहीं कराएंगे तो वो हमारे प्लेटफ़ार्म का इस्तेमाल ही बंद कर देंगे. इसलिए हमारे लिए इस तरह की ख़बरों के प्रभाव को स्वीकार करना बेहद महत्वपूर्ण है."
अमरीकी चुनावों के दौरान फ़ेसबुक की ओर से हुई ग़लतियों को स्वीकार करते हुए मनीष खंडूरी ने कहा, "हमने अपनी ग़लतियां स्वीकार की हैं. जहां तक साल 2016 के अमरीकी चुनावों का सवाल हैं, हमने अपनी ग़लतियों को स्वीकार किया है और इनसे काफ़ी सीखा है. एक प्लेटफ़ार्म के तौर पर फ़ेसबुक समाधान का हिस्सा बनना चाहता है. हम अपने प्लेटफ़ार्म पर उपलब्ध सामग्री की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करना चाहते हैं."
फे़क न्यूज़ की ज़िम्मेदारी किसी की नहीं है: स्वरा भास्कर
सोशल मीडिया से उम्मीदें
जब मनीष खंडूरी से पूछा गया कि अमरीकी चुनाव में दख़ल के सवाल का जवाब देने के लिए फ़ेसबुक संस्थापक मार्क ज़करबर्ग को अमरीकी सदन के सामने पेश होना पड़ा था, लेकिन भारत में हुई लिंचिंग की घटनाओं पर उन्होंने कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, इस पर खंडूरी ने कहा, "भारत में जो हो रहा है, उसमें मार्क ज़करबर्ग की रुचि है और उन्होंने इस मुद्दे के समाधान के लिए एक बड़ी टीम बनाई है. वो चुनावों को ध्यान में रखते हुए वॉशिंगटन डीसी में एक इलेक्शन वॉर रूम भी बना रहे हैं."
आईआईटी दिल्ली में हुए इस कार्यक्रम में फ़ेसबुक की ओर से मनीष खंडूरी, गूगल की ओर से ईरीन जे ल्यू और ट्विटर की ओर से विजया गाड्डे ने हिस्सा लिया और तकनीकी कंपनियों के सामने फ़ेक न्यूज़ को रोकने की चुनौतियों पर चर्चा की.
फ़ेक न्यूज़ की समस्या पर फ़ेसबुक से जुड़े मनीष खंडूरी ने कहा, "ये हमारे प्लेटफार्म के अस्तित्व के लिए ही एक ख़तरा है और हम इसे बहुत गंभीरता से ले रहे हैं. एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म के तौर पर हम संवाद की गुणवत्ता पर केंद्रित हैं और ग़लत जानकारियां इसे प्रभावित करती हैं. हम एक सोशल मीडिया प्लेटफ़ार्म हैं और समाज में सार्थक दख़ल देना चाहते हैं. ग़लत जानकारियां इसके ठीक उलट हैं."
गूगल की दक्षिण एशिया में न्यूज़लैब प्रमुख इरीन जे ल्यू ने कहा, "गूगल इसे एक बड़ी समस्या के तौर पर स्वीकार करती है और इसका समाधान खोजने में अपनी ज़िम्मेदारी को समझती है. जब लोग गूगल पर आते हैं तो वो जवाबों की उम्मीद करते हैं. हम अपनी तकनीक की मदद से और पत्रकारों और अन्य के साथ साझेदारियां करके उच्च गुणवत्ता वाला कंटेंट उपलब्ध करवा सकते हैं."
ट्विटर की ट्रस्ट और सेफ़्टी (विश्वास और सुरक्षा) की ग्लोबल हेड विजया गाड्डे ने कहा, "ट्विटर का उद्देश्य जन संवाद को बढ़ाना है. जब लोग ट्विटर पर आते हैं तो वो जानना चाहते हैं कि क्या चल रहा है और वो इस बारे में दुनिया को भी बताना चाहते हैं. अगर हम उन्हें उच्च गुणवत्ता का कंटेंट मुहैया नहीं कराएंगे तो वो हमारे प्लेटफ़ार्म का इस्तेमाल ही बंद कर देंगे. इसलिए हमारे लिए इस तरह की ख़बरों के प्रभाव को स्वीकार करना बेहद महत्वपूर्ण है."
अमरीकी चुनावों के दौरान फ़ेसबुक की ओर से हुई ग़लतियों को स्वीकार करते हुए मनीष खंडूरी ने कहा, "हमने अपनी ग़लतियां स्वीकार की हैं. जहां तक साल 2016 के अमरीकी चुनावों का सवाल हैं, हमने अपनी ग़लतियों को स्वीकार किया है और इनसे काफ़ी सीखा है. एक प्लेटफ़ार्म के तौर पर फ़ेसबुक समाधान का हिस्सा बनना चाहता है. हम अपने प्लेटफ़ार्म पर उपलब्ध सामग्री की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करना चाहते हैं."
फे़क न्यूज़ की ज़िम्मेदारी किसी की नहीं है: स्वरा भास्कर
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जब मनीष खंडूरी से पूछा गया कि अमरीकी चुनाव में दख़ल के सवाल का जवाब देने के लिए फ़ेसबुक संस्थापक मार्क ज़करबर्ग को अमरीकी सदन के सामने पेश होना पड़ा था, लेकिन भारत में हुई लिंचिंग की घटनाओं पर उन्होंने कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, इस पर खंडूरी ने कहा, "भारत में जो हो रहा है, उसमें मार्क ज़करबर्ग की रुचि है और उन्होंने इस मुद्दे के समाधान के लिए एक बड़ी टीम बनाई है. वो चुनावों को ध्यान में रखते हुए वॉशिंगटन डीसी में एक इलेक्शन वॉर रूम भी बना रहे हैं."
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